Total Pageviews

Sunday, 6 December 2020

गजल-अरुण कुमार निगम 2212 2212

 गजल-अरुण कुमार निगम

2212 2212


हीरा रतन के खान हे

ये मोर हिंदुस्तान हे।


झन मान के तँय बात कर

पथरा घलो भगवान हे।


जानव नहीं आजाद ला

हीरो तुँहर सलमान हे।


उनकर महल धन-धान हे

कुरिया हमर सुनसान हे।


तँय बोल धीरे से "अरुण"

दीवार के तक कान हे।


*अरुण कुमार निगम*

No comments:

Post a Comment

गजल

 गजल 2122 2122 2122 पूस के आसाढ़ सँग गठजोड़ होगे। दुःख के अउ उपरहा दू गोड़ होगे। वोट देके कोन ला जनता जितावैं। झूठ बोले के इहाँ बस होड़ होगे। खा...